श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 120: श्रीराम के अनुरोध से इन्द्र का मरे हुए वानरों को जीवित करना, देवताओं का प्रस्थान और वानर सेना का विश्राम  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.120.5 
मम हेतो: पराक्रान्ता ये गता यमसादनम्।
ते सर्वे जीवितं प्राप्य समुत्तिष्ठन्तु वानरा:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जो वानरों ने मेरे लिए युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है, वे सब यमलोक चले गए हैं, वे नया जीवन पाकर खड़े हो जाएँ॥5॥
 
All those monkeys who have gone to Yamaloka after demonstrating their prowess in the war for my sake, should get a new life and stand up. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)