Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.12.25: अब आप लोग आपस में परामर्श करके कोई अच्छी युक्ति सुझाएँ, जिससे सीता को लौटाना न पड़े और दशरथ के दोनों पुत्रों का वध कर दिया जाए॥ 25॥   |   ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.12.25 
अदेया च यथा सीता वध्यौ दशरथात्मजौ।
भवद्भिर्मन्त्र्यतां मन्त्र: सुनीतं चाभिधीयताम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
अब आप लोग आपस में परामर्श करके कोई अच्छी युक्ति सुझाएँ, जिससे सीता को लौटाना न पड़े और दशरथ के दोनों पुत्रों का वध कर दिया जाए॥ 25॥
 
‘Now you all please consult amongst yourselves and suggest a good strategy by which Sita need not be returned and both the sons of Dasharatha should be killed.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)