Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.12.2: सेनापति! सैनिकों को ऐसी आज्ञा दो कि तुम्हारे सारथी, घुड़सवार, हाथी सवार और शस्त्रविद्या में निपुण पैदल सैनिक नगर की रक्षा के लिए तत्पर रहें।॥2॥ | ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सेनापते यथा ते स्यु: कृतविद्याश्चतुर्विधा:।
योधा नगररक्षायां तथा व्यादेष्टुमर्हसि॥ २॥
अनुवाद
सेनापति! सैनिकों को ऐसी आज्ञा दो कि तुम्हारे सारथी, घुड़सवार, हाथी सवार और शस्त्रविद्या में निपुण पैदल सैनिक नगर की रक्षा के लिए तत्पर रहें।॥2॥
Commander! Give such orders to the soldiers that your charioteers, horsemen, elephant riders and foot soldiers proficient in the art of weapons should remain ready to protect the city.'॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥