Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.119.35: विदेहनन्दिनी! तुम्हें इस त्याग के लिए श्री रामजी पर क्रोध नहीं करना चाहिए; क्योंकि वे तुम्हारे हितैषी हैं और संसार को तुम्हारी पवित्रता प्रकट करने के लिए ही उन्होंने ऐसा आचरण किया है॥ 35॥ | ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदेहनन्दिनी! तुम्हें इस त्याग के लिए श्री रामजी पर क्रोध नहीं करना चाहिए; क्योंकि वे तुम्हारे हितैषी हैं और संसार को तुम्हारी पवित्रता प्रकट करने के लिए ही उन्होंने ऐसा आचरण किया है॥ 35॥
Videhanandini! You should not be angry with Shri Ram for this renunciation; because he is your well-wisher and has behaved like this only to reveal your purity to the world.॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥