Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.119.32: हे सज्जन! शत्रुओं को संताप देने वाले ये श्री राम ही देवताओं के हृदय और परम गुप्त तत्त्व हैं। ये ही वेदों द्वारा प्रतिपादित अव्यक्त और अविनाशी ब्रह्म हैं। 32॥ | ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सज्जन! शत्रुओं को संताप देने वाले ये श्री राम ही देवताओं के हृदय और परम गुप्त तत्त्व हैं। ये ही वेदों द्वारा प्रतिपादित अव्यक्त और अविनाशी ब्रह्म हैं। 32॥
Gentle! This Shri Ram, who torments the enemies, is the heart and the ultimate secret element of the Gods. This is the unmanifested and imperishable Brahma propounded by the Vedas. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥