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ramayan 6.119.3: श्री राम! रावण द्वारा उत्पन्न भय और दुःख समस्त लोकों में व्याप्त अंधकार के समान था, जिसे आपने युद्ध में नष्ट कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.119.3 
दिष्टॺा सर्वस्य लोकस्य प्रवृद्धं दारुणं तम:।
अपवृत्तं त्वया संख्ये राम रावणजं भयम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
श्री राम! रावण द्वारा उत्पन्न भय और दुःख समस्त लोकों में व्याप्त अंधकार के समान था, जिसे आपने युद्ध में नष्ट कर दिया।
 
Shri Ram! The fear and sorrow caused by Ravana was like the darkness that spread across all the worlds, which you destroyed in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)