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ramayan 6.119.27: तब श्री राम से 'बहुत अच्छा' कहकर राजा दशरथ ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और हाथ जोड़कर खड़े होकर लक्ष्मण को गले लगा लिया और इस प्रकार बोले -   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.119.27 
तथेति स महाराजो राममुक्त्वा कृताञ्जलिम्।
लक्ष्मणं च परिष्वज्य पुनर्वाक्यमुवाच ह॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब श्री राम से 'बहुत अच्छा' कहकर राजा दशरथ ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और हाथ जोड़कर खड़े होकर लक्ष्मण को गले लगा लिया और इस प्रकार बोले -
 
Then saying 'very good' to Shri Ram, King Dasharath accepted his request and standing with folded hands, embraced Lakshman and said this -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)