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ramayan 6.119.23: अब तुम्हारा वनवास पूरा हो गया है। तुमने मेरी प्रतिज्ञा पूरी की है और युद्ध में रावण को मारकर देवताओं को भी संतुष्ट किया है॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.119.23 
निवृत्तवनवासोऽसि प्रतिज्ञा पूरिता त्वया।
रावणं च रणे हत्वा देवता: परितोषिता:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अब तुम्हारा वनवास पूरा हो गया है। तुमने मेरी प्रतिज्ञा पूरी की है और युद्ध में रावण को मारकर देवताओं को भी संतुष्ट किया है॥ 23॥
 
‘Now your period of exile is over. You have fulfilled my promise and by killing Ravana in the battle you have satisfied the gods as well.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)