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ramayan 6.119.22: सौम्या! मुझे प्रसन्न करने के लिए तुमने लक्ष्मण और सीता के साथ चौदह वर्ष वन में बिताए।   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.119.22 
चतुर्दश समा: सौम्य वने निर्यातितास्त्वया।
वसता सीतया सार्धं मत्प्रीत्या लक्ष्मणेन च॥ २२॥
 
 
अनुवाद
सौम्या! मुझे प्रसन्न करने के लिए तुमने लक्ष्मण और सीता के साथ चौदह वर्ष वन में बिताए।
 
Soumya! To please me you spent fourteen years in the forest along with Lakshmana and Sita.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)