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सिद्धार्था खलु कौसल्या या त्वां राम गृहं गतम्।
वनान्निवृत्तं संहृष्टा द्रक्ष्यते शत्रुसूदनम्॥ १९॥
अनुवाद
श्री राम! कौशल्या का जीवन तभी सार्थक है, जब वह वन से लौटकर अपने घर में आप जैसे शत्रुओं का संहार करने वाले वीर पुत्र को हर्ष और प्रसन्नता के साथ देखेगी।
Shri Ram! Kausalya's life is meaningful, when she will see a brave son like you, the slayer of enemies, in her home with joy and happiness after returning from the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥