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ramayan 6.119.18: हे सज्जन! आज इन देवताओं के द्वारा मुझे ज्ञात हुआ कि स्वयं परमेश्वर ने रावण का वध करने के लिए आपके रूप में अवतार लिया है॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.119.18 
इदानीं च विजानामि यथा सौम्य सुरेश्वरै:।
वधार्थं रावणस्येह विहितं पुरुषोत्तमम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे सज्जन! आज इन देवताओं के द्वारा मुझे ज्ञात हुआ कि स्वयं परमेश्वर ने रावण का वध करने के लिए आपके रूप में अवतार लिया है॥18॥
 
Gentle! Today through these gods I came to know that the Supreme Lord himself has incarnated in your form to kill Ravana. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)