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ramayan 6.119.16: आज आपको लक्ष्मण सहित सकुशल देखकर और आपका आलिंगन करके मैं अपने समस्त दुःखों से उसी प्रकार मुक्त हो गया हूँ, जैसे कुहरे से चन्द्रमा निकल आता है॥16॥   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.119.16 
त्वां तु दृष्ट्वा कुशलिनं परिष्वज्य सलक्ष्मणम्।
अद्य दु:खाद् विमुक्तोऽस्मि नीहारादिव भास्कर:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
आज आपको लक्ष्मण सहित सकुशल देखकर और आपका आलिंगन करके मैं अपने समस्त दुःखों से उसी प्रकार मुक्त हो गया हूँ, जैसे कुहरे से चन्द्रमा निकल आता है॥16॥
 
‘Today, by seeing you safe and sound along with Lakshmana and by embracing you, I have got rid of all my sorrows, just like the moon emerging from the fog.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)