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ramayan 6.119.11: विमान में बैठे हुए राजा दशरथ अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय पुत्र श्री राम को देखकर अत्यंत प्रसन्न हुए॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 119: महादेवजी की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण का विमान द्वारा आये हुए राजा दशरथ को प्रणाम करना और दशरथ का दोनों पुत्रों तथा सीता को आवश्यक संदेश दे इन्द्रलोक को जाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.119.11 
हर्षेण महताऽऽविष्टो विमानस्थो महीपति:।
प्राणै: प्रियतरं दृष्ट्वा पुत्रं दशरथस्तदा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
विमान में बैठे हुए राजा दशरथ अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय पुत्र श्री राम को देखकर अत्यंत प्रसन्न हुए॥11॥
 
Sitting in the plane, King Dasharatha was extremely happy to see his son Shri Ram, who was dearer to him than his life. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)