श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.117.8 
रुद्राणामष्टमो रुद्र: साध्यानामपि पञ्चम:।
अश्विनौ चापि कर्णौ ते सूर्याचन्द्रमसौ दृशौ॥ ८॥
 
 
अनुवाद
आप रुद्रों में आठवें रुद्र और साध्यों में पाँचवें साध्य हैं। दोनों अश्विनीकुमार आपके कान हैं और सूर्य तथा चन्द्रमा आपके नेत्र हैं॥8॥
 
‘You are the eighth Rudra among the Rudras and the fifth Sadhy among the Sadhyas. The two Ashwinikumars are your ears and the Sun and the Moon are your eyes.॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)