Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.117.32: यह परम ऋषि ब्रह्मा द्वारा कहा गया दिव्य स्तोत्र और प्राचीन इतिहास है। जो इसका जप करते हैं, उनकी कभी पराजय नहीं होती ॥ 32॥ | ramayan सर्ग 6.117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह परम ऋषि ब्रह्मा द्वारा कहा गया दिव्य स्तोत्र और प्राचीन इतिहास है। जो इसका जप करते हैं, उनकी कभी पराजय नहीं होती ॥ 32॥
This is a divine hymn and ancient history told by the supreme sage Brahma. Those who chant this will never be defeated. ॥ 32॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे सप्तदशाधिकशततम: सर्ग: ॥ १ १७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें एक सौ सत्रहवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ १७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥