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ये त्वां देवं ध्रुवं भक्ता: पुराणं पुरुषोत्तमम्।
प्राप्नुवन्ति तथा कामानिह लोके परत्र च॥ ३१॥
अनुवाद
आप पूर्णपुरुषोत्तम हैं। आप दिव्य स्वरूप वाले परम पुरुष हैं। जो लोग आपकी भक्ति करते हैं, वे इस लोक और परलोक में अपनी समस्त कामनाओं को प्राप्त कर लेते हैं।॥31॥
‘You are the Purnapurushottam. You are the Supreme Being with a divine form. Those who have devotion towards you will achieve all their desires in this world and the next.’॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥