श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.117.27 
महेन्द्रश्च कृतो राजा बलिं बद्‍ध्वा सुदारुणम्।
सीता लक्ष्मीर्भवान् विष्णुर्देव: कृष्ण: प्रजापति:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
आपने ही अत्यन्त क्रूर दैत्यराज बलिको को बाँधकर इन्द्र को तीनों लोकों का राजा बनाया था। सीता साक्षात् लक्ष्मी हैं और आप ही भगवान विष्णु हैं। आप ही भगवान श्रीकृष्ण और प्रजापति के साक्षात् स्वरूप हैं। 27॥
 
You had made Indra the king of the three worlds by tying the most ferocious demon king Baliko. Sita is Lakshmi in person and you are Lord Vishnu. You are the true form of Lord Krishna and Prajapati. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)