Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.117.25: वेद आपके कर्मकाण्ड हैं। आपके बिना यह जगत् नहीं है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड आपका शरीर है। पृथ्वी आपकी स्थिरता है॥ 25॥   |   ramayan सर्ग 6.117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.117.25 
संस्कारास्त्वभवन् वेदा नैतदस्ति त्वया विना।
जगत् सर्वं शरीरं ते स्थैर्यं ते वसुधातलम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वेद आपके कर्मकाण्ड हैं। आपके बिना यह जगत् नहीं है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड आपका शरीर है। पृथ्वी आपकी स्थिरता है॥ 25॥
 
‘The Vedas are your rituals. This world does not exist without you. The entire universe is your body. The earth is your stability.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)