श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.117.23 
त्रीँल्लोकान् धारयन् राम देवगन्धर्वदानवान्।
अहं ते हृदयं राम जिह्वा देवी सरस्वती॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्रीराम! आप तीनों लोकों तथा देवताओं, गन्धर्वों और दानवों को धारण करने वाले महापुरुष नारायण हैं। सबके हृदय में विराजमान रहने वाले प्रभु! मैं ब्रह्मा आपका हृदय हूँ और देवी सरस्वती आपकी जिह्वा हैं। 23॥
 
Sriram! You are the great man Narayana who holds the three worlds and the gods, Gandharvas and demons. God who rejoices in everyone's heart! I Brahma am your heart and Goddess Saraswati is your tongue. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)