Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.117.17: आप ही इंद्र को जन्म देने वाले महेंद्र हैं और आप ही युद्ध का अंत करने वाले शांत स्वरूप पद्मनाभ हैं। दिव्य ऋषिगण आपको शरण देने वाले और शरणागतों से प्रेम करने वाले कहते हैं। | ramayan सर्ग 6.117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्रकर्मा महेन्द्रस्त्वं पद्मनाभो रणान्तकृत्।
शरण्यं शरणं च त्वामाहुर्दिव्या महर्षय:॥ १७॥
अनुवाद
आप ही इंद्र को जन्म देने वाले महेंद्र हैं और आप ही युद्ध का अंत करने वाले शांत स्वरूप पद्मनाभ हैं। दिव्य ऋषिगण आपको शरण देने वाले और शरणागतों से प्रेम करने वाले कहते हैं।
You are Mahendra who gave birth to Indra and Padmanabh who is the peaceful form of the one who ends the war. The divine sages call you as the one who gives refuge and who loves those who seek refuge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥