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ramayan 6.117.12: श्री रघुनाथजी के ऐसा कहने पर ब्रह्मवेत्ताओं में श्रेष्ठ ब्रह्माजी ने उनसे इस प्रकार कहा - 'सच्चे वीर श्री रघुवीर! तुम मेरे सत्य वचन सुनो॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.117: भगवान् श्रीराम के पास देवताओं का आगमन तथा ब्रह्मा द्वारा उनकी भगवत्ता का प्रतिपादन एवं स्तवन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.117.12 
इति ब्रुवाणं काकुत्स्थं ब्रह्मा ब्रह्मविदां वर:।
अब्रवीच्छृणु मे वाक्यं सत्यं सत्यपराक्रम॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी के ऐसा कहने पर ब्रह्मवेत्ताओं में श्रेष्ठ ब्रह्माजी ने उनसे इस प्रकार कहा - 'सच्चे वीर श्री रघुवीर! तुम मेरे सत्य वचन सुनो॥12॥
 
On Shri Raghunath ji saying this, Brahma ji, the best among Brahma experts, said to him thus - 'Truly brave Shri Raghuveer! You listen to my true words. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)