श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 115: सीता के चरित्र पर संदेह करके श्रीराम का उन्हें ग्रहण करने से इनकार करना और अन्यत्र जाने के लिये कहना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.115.7 
लङ्घनं च समुद्रस्य लङ्कायाश्चापि मर्दनम्।
सफलं तस्य च श्लाघ्यमद्य कर्म हनूमत:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'हनुमानजी का समुद्र लांघकर लंका का विनाश करने का सराहनीय कार्य आज सफल हुआ है।
 
‘Hanuman's praiseworthy act of crossing the ocean and destroying Lanka has been successful today.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)