अद्य मे पौरुषं दृष्टमद्य मे सफल: श्रम:।
अद्य तीर्णप्रतिज्ञोऽहं प्रभवाम्यद्य चात्मन:॥ ४॥
अनुवाद
आज सबने मेरा पराक्रम देख लिया है। अब मेरा प्रयास सफल हो गया है और अपनी प्रतिज्ञा पूरी करके मैं अब उसके भार से मुक्त हो गया हूँ।॥4॥
‘Today everyone has seen my prowess. Now my efforts have been successful and by fulfilling my promise, I am now free and independent of its burden.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥