यदर्थं निर्जिता मे त्वं सोऽयमासादितो मया।
नास्ति मे त्वय्यभिष्वङ्गो यथेष्टं गम्यतामिति॥ २१॥
अनुवाद
अतः जिस उद्देश्य से मैंने तुम्हें जीता था, वह पूरा हो गया - मेरे कुल का कलंक दूर हो गया। अब मुझे तुम्हारे प्रति कोई स्नेह या आसक्ति नहीं है; अतः तुम जहाँ चाहो वहाँ जा सकते हो॥ 21॥
‘So the purpose for which I had won you has been fulfilled – the stigma of my family has been removed. Now I have no affection or attachment towards you; hence you can go wherever you want.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥