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ramayan 6.114.9: इसके बाद श्री दैत्यराज विभीषण ने स्वयं जाकर महाभागा सीता को देखा और उनके मस्तक पर अंजलि बाँधकर विनीत भाव से कहा- 9॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.114.9 
तत: सीतां महाभागां दृष्ट्वोवाच विभीषण:।
मूर्ध्नि बद्धाञ्जलि: श्रीमान् विनीतो राक्षसेश्वर:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद श्री दैत्यराज विभीषण ने स्वयं जाकर महाभागा सीता को देखा और उनके मस्तक पर अंजलि बाँधकर विनीत भाव से कहा- 9॥
 
After this, Mr. Demon King Vibhishana himself went and saw Mahabhaga Sita and tied Anjali on his head and said in a polite manner - 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)