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ramayan 6.114.34: सीता आगे थीं और विभीषण पीछे। शर्म से वे सिकुड़ी हुई थीं। इस प्रकार वे अपने पति के सामने प्रकट हुईं।   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.34 
लज्जया त्ववलीयन्ती स्वेषु गात्रेषु मैथिली।
विभीषणेनानुगता भर्तारं साभ्यवर्तत॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
सीता आगे थीं और विभीषण पीछे। शर्म से वे सिकुड़ी हुई थीं। इस प्रकार वे अपने पति के सामने प्रकट हुईं।
 
Sita was in the front and Vibhishan was behind. She was shrinking into her body in shame. In this manner she appeared before her husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)