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ramayan 6.114.24: जो लोग हटाए जा रहे थे, वे अत्यंत व्याकुल हो रहे थे। सर्वत्र यह व्याकुलता देखकर श्री रघुनाथजी ने अपनी सहज उदारता के कारण क्रोधपूर्वक उन्हें हटाने वालों को रोक दिया॥ 24॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.24 
उत्सार्यमाणांस्तान् दृष्ट्वा समन्ताज्जातसम्भ्रमान्।
दाक्षिण्यात्तदमर्षाच्च वारयामास राघव:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जो लोग हटाए जा रहे थे, वे अत्यंत व्याकुल हो रहे थे। सर्वत्र यह व्याकुलता देखकर श्री रघुनाथजी ने अपनी सहज उदारता के कारण क्रोधपूर्वक उन्हें हटाने वालों को रोक दिया॥ 24॥
 
Those who were being removed were extremely agitated. Seeing this agitation everywhere, Sri Raghunath, due to His innate generosity, angrily stopped those who were removing them.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)