Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.114.21: पगड़ी और अंगारे पहने हुए, हाथों में झांझ की तरह बजने वाली लाठियां लिए हुए बड़ी संख्या में सैनिक, वानर योद्धाओं को भगाते हुए सभी दिशाओं में बढ़ने लगे।   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.114.21 
कञ्चुकोष्णीषिणस्तत्र वेत्रझर्झरपाणय:।
उत्सारयन्तस्तान् योधान् समन्तात् परिचक्रमु:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पगड़ी और अंगारे पहने हुए, हाथों में झांझ की तरह बजने वाली लाठियां लिए हुए बड़ी संख्या में सैनिक, वानर योद्धाओं को भगाते हुए सभी दिशाओं में बढ़ने लगे।
 
A large number of soldiers wearing turbans and angas, holding sticks sounding like cymbals in their hands, began moving in all directions, driving away the monkey warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)