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ramayan 6.114.20: श्री रघुनाथजी के ये वचन सुनकर ज्ञानी विभीषण ने तुरन्त ही अन्य लोगों को वहाँ से हटाना आरम्भ कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.20 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा राघवस्य विभीषण:।
तूर्णमुत्सारणं तत्र कारयामास धर्मवित्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी के ये वचन सुनकर ज्ञानी विभीषण ने तुरन्त ही अन्य लोगों को वहाँ से हटाना आरम्भ कर दिया।
 
On hearing these words from Sri Raghunathji, the knowledgeable Vibhishana immediately began removing other people from there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)