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ramayan 6.114.19: हे सौम्य राक्षसराज, मुझे परास्त करने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले! विदेहकुमारी से कहो कि वे शीघ्र ही मेरे पास आएँ॥19॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.19 
राक्षसाधिपते सौम्य नित्यं मद्विजये रत।
वैदेही संनिकर्षं मे क्षिप्रं समभिगच्छतु॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे सौम्य राक्षसराज, मुझे परास्त करने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले! विदेहकुमारी से कहो कि वे शीघ्र ही मेरे पास आएँ॥19॥
 
O gentle demon king who is always ready to defeat me! Tell Videha Kumari to come to me soon.'॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)