Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.114.16: भगवान् श्री राम को ध्यानमग्न जानकर विभीषण उनके पास गए और उन्हें प्रणाम करके प्रसन्नतापूर्वक बोले - 'प्रभो! सीतादेवी आ गई हैं॥16॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.114.16 
सोऽभिगम्य महात्मानं ज्ञात्वापि ध्यानमास्थितम्।
प्रणतश्च प्रहृष्टश्च प्राप्तां सीतां न्यवेदयत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
भगवान् श्री राम को ध्यानमग्न जानकर विभीषण उनके पास गए और उन्हें प्रणाम करके प्रसन्नतापूर्वक बोले - 'प्रभो! सीतादेवी आ गई हैं॥16॥
 
Knowing that Lord Shri Ram was meditating, Vibhishana went to him and after paying obeisance to him, said happily - 'Lord! Sitadevi has come. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)