Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.114.15: तब विभीषण ने बहुमूल्य वस्त्रों से आच्छादित, तेजस्वी सीतादेवी को रथ में बिठाकर भगवान राम के पास पहुँचाया। उस समय बहुत से राक्षस उन्हें चारों ओर से घेरकर उनकी रक्षा कर रहे थे॥ 15॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.114.15 
आरोप्य शिबिकां दीप्तां परार्घ्याम्बरसंवृताम्।
रक्षोभिर्बहुभिर्गुप्तामाजहार विभीषण:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब विभीषण ने बहुमूल्य वस्त्रों से आच्छादित, तेजस्वी सीतादेवी को रथ में बिठाकर भगवान राम के पास पहुँचाया। उस समय बहुत से राक्षस उन्हें चारों ओर से घेरकर उनकी रक्षा कर रहे थे॥ 15॥
 
Then Vibhishan brought the radiant Sita Devi, covered in precious clothes, into the chariot and brought her to Lord Rama. At that time many demons were surrounding them from all sides and protecting them.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)