Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.114.13: उनके वचन सुनकर मिथिला की धर्मपरायण पुत्री सीता, जो पतिव्रता थी और पति को ही परमेश्वर मानती थी, ने कहा, "बहुत अच्छा!" और अपने पति की आज्ञा स्वीकार कर ली। | ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके वचन सुनकर मिथिला की धर्मपरायण पुत्री सीता, जो पतिव्रता थी और पति को ही परमेश्वर मानती थी, ने कहा, "बहुत अच्छा!" और अपने पति की आज्ञा स्वीकार कर ली।
On hearing his words, Sita, the virtuous and faithful daughter of Mithila, who was protected by her husband's devotion and considered her husband as her god, said, "Very good!" and accepted her husband's command.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥