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ramayan 6.114.10: 'विदेह राजकुमारी! स्नान करके दिव्य सुगंध, दिव्य वस्त्राभूषणों से अलंकृत होकर वाहन पर बैठो। तुम्हारा कल्याण हो। तुम्हारे स्वामी तुम्हें देखना चाहते हैं।'॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.114.10 
दिव्याङ्गरागा वैदेहि दिव्याभरणभूषिता।
यानमारोह भद्रं ते भर्ता त्वां द्रष्टुमिच्छति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'विदेह राजकुमारी! स्नान करके दिव्य सुगंध, दिव्य वस्त्राभूषणों से अलंकृत होकर वाहन पर बैठो। तुम्हारा कल्याण हो। तुम्हारे स्वामी तुम्हें देखना चाहते हैं।'॥10॥
 
‘Videha princess! After taking a bath, adorn yourself with divine perfume and divine clothes and ornaments and sit on the vehicle. May you be blessed. Your master wants to see you.'॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)