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ramayan 6.114.1: तत्पश्चात् परम बुद्धिमान वानर योद्धा हनुमान्‌जी ने समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ कमलनयन श्री रामजी को प्रणाम करके कहा - 1॥   |   ramayan सर्ग 6.114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.114.1 
तमुवाच महाप्राज्ञ: सोऽभिवाद्य प्लवङ्गम:।
रामं कमलपत्राक्षं वरं सर्वधनुष्मताम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परम बुद्धिमान वानर योद्धा हनुमान्‌जी ने समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ कमलनयन श्री रामजी को प्रणाम करके कहा - 1॥
 
Thereafter, the most intelligent monkey warrior Hanuman ji bowed to the lotus-eyed Shri Ram, the best of all archers, and said - 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)