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ramayan 6.113.51: देवि! जैसे शची देवराज इन्द्र को देखती है, वैसे ही आज तुम पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर मुख वाले श्री राम और लक्ष्मण को देखोगी, जिनके मित्र उपस्थित हैं और शत्रु मारे गए हैं।॥51॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.51 
पूर्णचन्द्रमुखं रामं द्रक्ष्यस्यद्य सलक्ष्मणम्।
स्थितमित्रं हतामित्रं शचीवेन्द्रं सुरेश्वरम्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
देवि! जैसे शची देवराज इन्द्र को देखती है, वैसे ही आज तुम पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर मुख वाले श्री राम और लक्ष्मण को देखोगी, जिनके मित्र उपस्थित हैं और शत्रु मारे गए हैं।॥51॥
 
Devi! Just as Shachi sees the king of gods Indra, similarly today you will see Shri Ram and Lakshman with faces as beautiful as the full moon, whose friends are present and enemies have been killed.'॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)