Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.113.49: हनुमानजी के ऐसा कहने पर विदेहनन्दिनी जनकराज की पुत्री बोली - "मैं अपने भक्त-प्रेमी प्रभु के दर्शन करना चाहती हूँ।" ॥49॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  6.113.49 
एवमुक्ता हनुमता वैदेही जनकात्मजा।
साब्रवीद् द्रष्टुमिच्छामि भर्तारं भक्तवत्सलम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
हनुमानजी के ऐसा कहने पर विदेहनन्दिनी जनकराज की पुत्री बोली - "मैं अपने भक्त-प्रेमी प्रभु के दर्शन करना चाहती हूँ।" ॥49॥
 
Upon Hanuman saying this, Videhanandini Janakaraja's daughter said, "I wish to see my devotee-loving Lord." ॥49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)