Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.113.46: जो लोग हिंसा करते हैं और सदैव पाप करते रहते हैं, उन क्रूर पापियों का कभी भी अहित नहीं करना चाहिए।॥46॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.113.46 
लोकहिंसाविहाराणां क्रूराणां पापकर्मणाम्।
कुर्वतामपि पापानि नैव कार्यमशोभनम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जो लोग हिंसा करते हैं और सदैव पाप करते रहते हैं, उन क्रूर पापियों का कभी भी अहित नहीं करना चाहिए।॥46॥
 
One should never do any harm to those cruel sinners who indulge in violence against people and always commit sins.'॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)