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श्लोक  6.113.41 
प्राप्तव्यं तु दशायोगान्मयैतदिति निश्चितम्।
दासीनां रावणस्याहं मर्षयामीह दुर्बला॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
मुझे अपने पूर्व कर्मों के कारण यह सब दुःख भोगना पड़ा; इसलिए यदि रावण की दासियों ने कोई अपराध किया भी हो तो मैं उन्हें क्षमा कर देती हूँ, क्योंकि उन पर दया के कारण मैं दुर्बल हो रही हूँ।
 
I had to undergo all this suffering because of my past karma; therefore, even if Ravana's maids have committed some crime, I forgive them because I am becoming weak due to the outburst of compassion for them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)