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ramayan 6.113.30: ‘देवी! यदि आपकी अनुमति हो तो मैं इन समस्त राक्षसियों को मार डालना चाहता हूँ, जो पहले आपको धमका रही थीं॥30॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.30 
इमास्तु खलु राक्षस्यो यदि त्वमनुमन्यसे।
हन्तुमिच्छामि ता: सर्वा याभिस्त्वं तर्जिता पुरा॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
‘देवी! यदि आपकी अनुमति हो तो मैं इन समस्त राक्षसियों को मार डालना चाहता हूँ, जो पहले आपको धमका रही थीं॥30॥
 
‘Goddess! If you permit, I wish to kill all these demonesses, who had been threatening you so much earlier.॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)