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श्लोक  6.113.26 
अतिलक्षणसम्पन्नं माधुर्यगुणभूषणम्।
बुद्‍ध्या ह्यष्टाङ्गया युक्तं त्वमेवार्हसि भाषितुम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वीरवर! आपकी वाणी उत्तम गुणों से युक्त, मधुरता से सुशोभित और बुद्धि के आठों अंगों से सुशोभित है। ऐसे वचन केवल आप ही बोल सकते हैं।
 
Veervar! Your speech is full of good qualities, adorned with sweetness and adorned with the eight * organs (qualities) of intelligence. Only you can speak such words.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)