श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.113.25 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा मैथिली जनकात्मजा।
तत: शुभतरं वाक्यमुवाच पवनात्मजम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उनके वचन सुनकर मिथिला की पुत्री जानकी ने पवनपुत्र से ये सुन्दर वचन कहे-॥25॥
 
Hearing his words, Janaki, the daughter of Mithila, said these beautiful words to the son of the wind -॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)