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ramayan 6.113.24: जब मैं देखता हूँ कि भगवान् राम अपने शत्रुओं को मारकर विजयी हो गए हैं और स्वयं भी सुरक्षित हैं, तब मुझे ऐसा लगता है कि मेरे सारे उद्देश्य पूरे हो गए हैं - देवताओं का राज्य आदि उत्तम गुणों से युक्त सभी वस्तुएँ मुझे प्राप्त हो गई हैं। ॥24॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.24 
अर्थतश्च मया प्राप्ता देवराज्यादयो गुणा:।
हतशत्रुं विजयिनं रामं पश्यामि सुस्थितम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जब मैं देखता हूँ कि भगवान् राम अपने शत्रुओं को मारकर विजयी हो गए हैं और स्वयं भी सुरक्षित हैं, तब मुझे ऐसा लगता है कि मेरे सारे उद्देश्य पूरे हो गए हैं - देवताओं का राज्य आदि उत्तम गुणों से युक्त सभी वस्तुएँ मुझे प्राप्त हो गई हैं। ॥24॥
 
"When I see that Lord Rama has become victorious after killing his enemy and that he himself is safe, then I feel that all my purposes have been fulfilled - I have obtained all the things endowed with excellent qualities like the kingdom of the gods etc." ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)