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ramayan 6.113.20: 'सोना, चाँदी, नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न या तीनों लोकों का राज्य भी इस सुन्दर समाचार की बराबरी नहीं कर सकता।'   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.20 
हिरण्यं वा सुवर्णं वा रत्नानि विविधानि च।
राज्यं वा त्रिषु लोकेषु एतन्नार्हति भाषितम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'सोना, चाँदी, नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न या तीनों लोकों का राज्य भी इस सुन्दर समाचार की बराबरी नहीं कर सकता।'
 
‘Gold, silver, precious stones of various kinds or even the kingdom of the three worlds cannot equal this lovely news.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)