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ramayan 6.113.14: हनुमानजी की यह बात सुनकर चन्द्रमुख सीतादेवी अत्यन्त प्रसन्न हुईं, उनका गला आनन्द से रुँध गया और वे कुछ भी बोल न सकीं॥14॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.14 
एवमुक्ता तु सा देवी सीता शशिनिभानना।
प्रहर्षेणावरुद्धा सा व्याहर्तुं न शशाक ह॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हनुमानजी की यह बात सुनकर चन्द्रमुख सीतादेवी अत्यन्त प्रसन्न हुईं, उनका गला आनन्द से रुँध गया और वे कुछ भी बोल न सकीं॥14॥
 
On hearing Hanuman say this, the moon-faced Sita Devi was very pleased. Her throat was choked with joy and she could not say anything.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)