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ramayan 6.113.1: भगवान श्री राम की यह आज्ञा पाकर पवनपुत्र हनुमान्‌ निशाचरों द्वारा सम्मानित होकर लंकापुरी में प्रविष्ट हुए॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.113: हनुमान्जी का सीताजी से बातचीत करके लौटना और उनका संदेश श्रीराम को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.1 
इति प्रतिसमादिष्टो हनूमान् मारुतात्मज:।
प्रविवेश पुरीं लङ्कां पूज्यमानो निशाचरै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्री राम की यह आज्ञा पाकर पवनपुत्र हनुमान्‌ निशाचरों द्वारा सम्मानित होकर लंकापुरी में प्रविष्ट हुए॥1॥
 
After receiving this order of Lord Shri Ram, Hanuman, the son of wind, entered Lankapuri, being honored by the nocturnes. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)