श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 111: मन्दोदरी का विलाप तथा रावण के शव का दाह-संस्कार  »  श्लोक 95-96h
 
 
श्लोक  6.111.95-96h 
नृशंस इति मां राम वक्ष्यन्ति मनुजा भुवि॥ ९५॥
श्रुत्वा तस्यागुणान् सर्वे वक्ष्यन्ति सुकृतं पुन:।
 
 
अनुवाद
श्री राम! मेरे मुख से यह सुनकर संसार के लोग मुझे क्रूर तो कहेंगे ही; परन्तु जब वे रावण के दुर्गुणों को भी सुनेंगे, तब सब लोग मेरे विचारों को सत्य ही मानेंगे।॥95 1/2॥
 
Shri Ram! On hearing this from me, people of the world will surely call me cruel; but when they will also hear about the bad qualities of Ravana, then everyone will consider my thoughts to be correct.'॥ 95 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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