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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 110: रावण की स्त्रियों का विलाप
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श्लोक 9
श्लोक
6.110.9
उत्क्षिप्य च भुजौ काचिद् भूमौ सुपरिवर्तते।
हतस्य वदनं दृष्ट्वा काचिन्मोहमुपागमत्॥ ९॥
अनुवाद
एक स्त्री तो हाथ उठाकर भूमि पर लोटने लगी और दूसरी अपने मृत पति का मुख देखकर मूर्छित हो गई॥9॥
One woman fell down with her arms raised and started rolling on the ground and another one fainted after seeing the face of her dead husband.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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