Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.110.23: हे राक्षसराज! ऐसा नहीं है कि तुम्हारी मनमानी हमारे विनाश का कारण है। ईश्वर ही सब कुछ करवाता है। ईश्वर की मार से ही मारा जाता है या मरता है। | ramayan सर्ग 6.110: रावण की स्त्रियों का विलाप । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न कामकार: कामं वा तव राक्षसपुंगव।
दैवं चेष्टयते सर्वं हतं दैवेन हन्यते॥ २३॥
अनुवाद
हे राक्षसराज! ऐसा नहीं है कि तुम्हारी मनमानी हमारे विनाश का कारण है। ईश्वर ही सब कुछ करवाता है। ईश्वर की मार से ही मारा जाता है या मरता है।
‘O demon king! It is not that your willfulness is the reason for our destruction. It is God who makes everything happen. Only the one struck by God gets killed or dies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥