श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 110: रावण की स्त्रियों का विलाप  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.110.20 
यदि निर्यातिता ते स्यात् सीता रामाय मैथिली।
न न: स्याद् व्यसनं घोरमिदं मूलहरं महत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
यदि आपने मिथिला की पुत्री सीता को भगवान राम को लौटा दिया होता, तो यह घोर विपत्ति, जो हमारा सर्वनाश कर सकती थी, हम पर न आती॥ 20॥
 
‘Had you returned Sita, the daughter of Mithila, to Lord Rama, then this terrible calamity that could have destroyed us completely would not have befallen us.॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)